définition de अनुस्वार dans le dictionnaire marathi
Anuswar-Pu 1 sh, sh, c, h, précédent de ces lettres Essayons de montrer le dialecte par le nez sur la lettre Tamb 2 Il n'y a pas de vaisselle avant et après D., J, N, M, M Laquelle des recettes suivantes devrait être utilisée, Timbre supérieur 3 diacritique nostalgique et son symbolisme [No.] अनुस्वार—पु. १ श, ष, स, ह, या अक्षरांच्या पूर्वीच्या
अक्षरावरील नाकांतून उच्चार दर्शविण्याकरितां योजावयाचें
टिंब. २ पुढें कोणतेंहि व्यंजन असून त्यापूर्वी ड्, ञ्, ण्,न्, म्
यांपैकीं कोणतेंहि व्यंजन उच्चारावयाचें असलें म्हणजे येणारें अक्षरा-
वरील टिंब. ३ नाकांतून होणारा उच्चार व त्याचा प्रतीक शीर्षबिंदु.
[सं.]
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10 LIVRES EN MARATHI EN RAPPORT AVEC «अनुस्वार»
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अनुस्वार et de courts extraits de ceux-ci pour replacer dans son contexte son utilisation littéraire.
ममअबर-मतेजाब-मजाडा-बजा-मवं प-ज्ञा-वबय-न-मन्या-तीजा-मपच-व-म म बक-ब-मपनप-मयाम-कि-मपर जि ३) ' कांजी ' अता ' को ' वर अनुस्वार ठेकून ' ही : वरील कादावा० (१४) द्वितीया व चतुर्थी या विभचतिया ...
अनुस्वार द्यायचा किंवा नाही या प्रशनाचा विचार करताना एक गोष्ट सहजपणे निदर्शनास येते, की ती म्हणुजे अकार-तिर सर्व नहुंसलिंगी शब्दविर मराब अनुस्वार दिला जाती पाणी व लोभी या ...
नियम ४ था हैं गोल नियमांठयतिरिक्त कोणत्याही कारशासाठी रयुत्पतीने सिद्ध होगारे वा न होणारे अनुस्वार देऊ नशे, ( उरगंचा उरबैचार स्पष्टपर्ण किया अस्पष्टपशेही होत नाहीं का ...
Maharashtra (India). Directorate of Languages, 1963
नाही, की भूतिकाधेध्यात आली अहे यागुले अस्तापर्यर्तादेलेजाशोपुद्रीलधेगवेगठाया प्रकारचे अनुस्वार लेखनक गालले पाहिजैत : ( १ ) नपुसकलिगी ई-कल, उपरान्त व ए-कल नामा-या शेवटी ...
Sakharam Gangadhar Malshe, Da. Di Puṇḍe, Añjalī Aruṇa Somaṇa, 2005
5
Marāṭhī varṇoccāra-vikāsa
अनुस्वार व्यंजनसदृश अहि अनुस्वाराचे उच्चार दोन प्रकारचे आत (१) स्पष्ट आणि (२) वरता. स्पष्ट उच्चारामुले अनुस्वारयुक्त अक्षर साघप्त उफचारले जाते. व त्याकया दोन माशा होतात.
6
Kr̥shṇākāṇṭhacī mātī: Māiyā Jīvanāntīla Smr̥ti
प्रचलित लेखनति प्हस्वदीर्थ व अनुचारित अनुस्वार आसंधि! कहे सुधारणा सुचविल्या गेल्या पगी सरकारने आना मान्यता देती का अशी विरोधी चार्शवओं सर मासंदि भाटवशेकर होते मेयनी ...
Kr̥shṇājī Pāṇḍuraṅga Kulakarṇī, 1961
7
Marāṭhī lekhana mārgadarśikā
मराठी साहित्य महामंडठप्रने मराठी लेखाविषयक नियम कररायामुती है लेखनविषयक नियम अक्तिलात होते संनुसार संदार्तल काही अक्षर/वर अनुस्वार कोऊ रखी लात दिले जात ते अनुस्वार ...
( प्रा- बनल ) उ, वरील १यगांव्यारेंथररु व-मेप-य-हीं का-पपप', व्य-यु-तोको यह होणारे वा न होणारे अनुस्थार देऊ नयत. हा नियम अनुस्वार कोठे दावित है साँगजारा नाही, तर कोठे देऊ नीयत है मांगना ...
Vishnu Bhikaji Kolte, 1965
सगले अनुस्वार नाकचि आकुचन करून अधस्केचारित स्वरूपति पण खागखरारितपदि संचार म्हणजे चितठिसर वनों बोला असत याची कल्पना र्यईला बोलताक्ना बाहाणी शुद्ध धाटणीची लकबहि कायम ...
Vinayak Adinath Buva, 1962
Dāmodarapaṇḍita Vishnu Bhikaji Kolte. २०५ २ ० ७ जा है ३ य० २३३ २३८ २३९ ए४३ अभिप्रेत नस, पुढील ओबीतील दुसया चरणात हाच शब्द अहे खातील ' आ , वर अनुस्वार नाहीं. है चहुँकहै , यल है हु ' वर शिरेरिषेख्या ...
Dāmodarapaṇḍita, Vishnu Bhikaji Kolte, 1965
10 ACTUALITÉS CONTENANT LE TERME «अनुस्वार»
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अनुस्वार est employé dans le contexte des actualités suivantes.
रंगमंच में बदलाव को रेखांकित करता बेजोड़ नाटक
अनुस्वार और अनुनासिका दोनों ही ब्यूरोक्रेसी की काहिली और व्यर्थता पर करारा व्यंग्य करते हैं तो रंगिणी और संगिनी की जोड़ी व्यंग्य और सूक्ष्म हास्य के साथ समकालीन स्थितियों की विद्रूपता को मूर्तिमान करती है। निश्चय ही मोहन राकेश ... «Dainiktribune, juin 15»
जन-जन की भाषा संस्कृत में संस्कार भी है और …
विसर्ग एवं अनुस्वार से प्राणायाम होते हैं। यह उद्गार संस्कृत भारती के पांच दिवसीय भाषा बोधन वर्ग शिविर के समापन पर मुख्य वक्ता डॉ. ओमप्रकाश दुबे ने व्यक्त किए। वे जन-जन की भाषा संस्कृत विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। वे प्रादेशिक संस्कृत ... «दैनिक भास्कर, mai 15»
अक्षर घडसुनी करावे सुंदर
''शिवाय मात्रा, वेलांटय़ा, अनुस्वार बरोबर त्या त्या अक्षराच्या डोक्यावर आल्या पाहिजेत. वरच्या ओळीतले उकार आणि त्याच्या खालच्या ओळीतले रफार, मात्रा, वेलांटय़ा एकमेकांत घुसता कामा नयेत. रफाराला 'आकुर्ली' हा एक छान शब्द समर्थानी ... «Loksatta, avril 15»
सर्रास वापरले जाणारे चुकीचे शब्द आणि उच्चार
जजीराचे मराठीकरण करताना ज वरती नजरचुकीने अनुस्वार दिल्याने जंजीरा असा शब्द तयार झाला असे दिसते. कोकण-दक्षिण महाराष्ट्र इत्यादी विभागात 'भातशेती' हा चुकीचा शब्द प्रयोग रूढ झाला आहे. पोळीची शेती, भाकरीची शेती असा शब्दप्रयोग ... «Lokmat, févr 15»
आलेख : देवनागरी के बजाय रोमन लिपि क्यों? - प्रो …
लिप्यांतरण और प्रतिलेखन के लिए भी देवनागरी सर्वथा उचित है। गुणवत्ता की दृष्टि से नागरी अधिक समृद्ध है। यह बात देश-विदेश के अनेक विद्वानों ने स्वीकार की है। इसमें मात्राओं, अनुस्वार, विसर्ग, हल, अनुनासिकता के स्पष्ट चिह्न दिए गए हैं। «Nai Dunia, janv 15»
चेतन भगत के ख्याल पर हिन्दी प्रेमियों के विचार
हमारे यहाँ एक अक्षर से एक ही ध्वनि निकलती है और एक बिंदु (अनुस्वार) का भी अपना महत्व है। दूसरी भाषाओं में यह वैज्ञानिकता नहीं पाई जाती। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ग्राह्य भाषा अंग्रेज़ी को ही देखें, वहां एक ही ध्वनि के लिए कितनी तरह के अक्षर ... «Webdunia Hindi, janv 15»
वर्तनी की गलतियों को ऐसे करो कम
उसी तरह हिन्दी में हम अनुस्वार, हरस्व और दीर्घ यानी छोटा उ और बड़ा ऊ, छोटी इ और ई की भी गलतियां खूब करते हैं। हिन्दी की विशेषता यही है कि हिन्दी में जैसे बोलते हैं, वैसे ही लिखते हैं। यदि बोला ही गलत गया है तो सुनने वाले गलत लिख देते हैं। «Live हिन्दुस्तान, oct 14»
मराठी शुद्धलेखन प्रदीप+निबंधरचना तंत्र आणि मंत्र
शुद्धलेखन म्हणजे काय, अनुस्वार, ऱ्हस्व, दीर्घाचे बारकावे, इ-कारान्त व उ-कारान्त, जोडाक्षरे, सामान्य रूप, व्यंजनान्त शब्द, बोलण्याची व लिहिण्याची भाषा, विरामचिन्हे, निर्दोष वाक्यरचना, मुद्रितशोधन व शुद्धलेखन, मराठी शुद्ध शब्द - सूची ... «Sakal, août 14»
हिन्दी या हिंदी : बताएं क्या है सही?
एक ही अनुस्वार क्या उन पाँच पृथक-पृथक अनुनासिक ध्वनियों को उनकी विविधता के साथ उच्चारण करवाने में समर्थ हो सकेगा? अन्तर/अंतर ( न् की ध्वनि), अम्बर/अंबर(म्), दण्ड/दंड (ण्)आदि में हम बोलते समय तो पंचम वर्ण का ही उच्चारण करेंगे । हिन्दी सीखने ... «Webdunia Hindi, janv 13»
'ॐ' धर्म से नहीं सेहत से जोड़िए
देवनागरी लिपि के प्रत्येक शब्द में अनुस्वार लगाकर उन्हें मंत्र का स्वरूप दिया गया है। उदाहरण के तौर पर कं, खं, गं, घं आदि। इसी तरह श्रीं, क्लीं, ह्रीं, हूं, फट् आदि भी एकाक्षरी मंत्रों में गिने जाते हैं। सभी मंत्रों का उच्चारण जीभ,होंठ, तालू, ... «Webdunia Hindi, avril 10»