#ShriAtalBihariVajpayee जी के व्यक्तित्व को पर्दे पर साकार करने के लिए मुझे संयम से मेरे व्यक्तिमत्व पर काम करना जरूरी है, यह मैं जानता हूँ। स्फूर्ति और मनोबल के आधार से मैं नई भूमिका को न्याय दे सकूंगा यह अटल विश्वास मुझे है।
#MainAtalHoon सिनेमाघरों में, दिसंबर २०२३।
रामदरश मिश्र जी की पंक्ति :
"बनाया है मैंने ये घर धीरे-धीरे,
खुले मेरे ख़्वाबों के पर धीरे-धीरे।
किसी को गिराया न ख़ुद को उछाला,
कटा ज़िंदगी का सफ़र धीरे-धीरे।
जहाँ आप पहुँचे छ्लांगे लगाकर,
वहाँ मैं भी आया मगर धीरे-धीरे।" आभार आप सभी का 🙏🏾।
बेहद दुखी हूँ ,पिछले दिनों मिलने की बात कर रहे थे हम दोनों , अब मिलना नहीं होगा सतीश कौशिक सर । आपके सपने का सहभागी रहा हूँ । अब स्मृतियों में रहेंगे ।आपका अटूट भरोसा और स्नेह सदैव मेरे साथ रहेगा ।ईश्वर परिवार को शक्ति दें । प्रणाम सर