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Swati Mishra
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Swati Mishra
@swati_mishr
यहां लिखी बातें मेरे अपने विचार हैं. इसका किसी और व्यक्ति या संस्थान से कोई लेना-देना नहीं है.
Darbhanga
Joined August 2009
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    बैसाख की एक दोपहर मैं उनसे मिली थी. जिसे हमेशा गाढ़े प्रेम से पढ़ा हो, जिसके रचे किरदारों की सरलता ने पन्ना-दर-पन्ना इतना सुख दिया हो, उनको जब ख़ुद की आँखों से देखा और पाँव छूने पर माथे के ऊपर उनका हाथ पाया, तो भावावेश में कुछ ना कहा गया. मैं ख़ूब बातूनी हूं, मगर उनके आगे चुप थी.
  • 'इतना पैसा नहीं है' डेढ़ मिनट का ये वीडियो आपको डिस्टर्ब कर सकता है. सोचिए, एक आम आदमी की जिंदगी में क्या चल रहा है और आपकी टीवी पर खबरों में क्या चल रहा है.
    Rohit Pathak
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    Rohit Pathak
  • रेलवे ने धमकी दी है कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों को जीवन भर नौकरी नहीं दी जाएगी. अरे, उन्हें नौकरी मिलने वाली होती, तो वो प्रदर्शन ही क्यों कर रहे होते? छात्रों को धमकी मत दीजिए. उनकी समस्याएं सुनिए और उसे दूर करने की कोशिश करिए.
  • पहले आदमी ग्रंथ पढ़े. फिर स्टूडेंट्स को पढ़ाते हुए उसका रेफरेंस दे और फिर मूढ़ों को सफाई देने के लिए ग्रंथ लादकर घूमे! सुनिए विकास दिव्यकीर्ति को:
  • इलाहाबाद में घर गिराने के लिए जाते हुए बुलडोज़र ने चुपके से हाई कोर्ट के कान में कहा - फैसला मैं कर देता हूं, आप ड्रीम 11 पर टीम बना लो.
  • ज़ुबैर का असल गुनाह ये था कि उसकी वजह से सरकार को तमाम इस्लामिक देशों के सामने बैकफुट पर जाकर सफाई देनी पड़ी!
  • इन्हें नमाज के बदले में हनुमान चालीसा पढ़नी होती है. इन्हें वैलंटाइंस डे के बदले में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाना होता है. इन्हें क्रिसमस के बदले में तुलसी पूजन दिवस मनाना होता है. हर चीज बदले में करनी होती है. ये धर्म है या बॉलीवुड फिल्म बदले की आग!
  • 35 की जगह 36 टुकड़े करने की बात कहने वाले ने अपना नाम राशिद खान बताया. वीडियो वायरल हुआ. पकड़े जाने पर राशिद खान असल में विकास निकला. तब बोला कि मुझे क्या पता था कि इत्ती तगड़ी फिलम हो जाएगी. थ्रेड में देखिए
  • सरकार ने बताया है कि 10,000 से ज्यादा पद खाली हैं सेंट्रल यूनिवर्सिटी, IIT और IIM में. क्या आत्मनिर्भर होने का मतलब बिना टीचर खुद पढ़ लेना भी है?
  • हल्दीराम के पैकेट पर उर्दू में लिखने पर कुछ लोग सवाल कर रहे हैं. ये लोग नोट (रुपया) देखते ही उसे फाड़ देते होंगे, उर्दू में तो उस पर भी लिखा है.
  • 93 दिनों से तेल के दाम नहीं बढ़े हैं. जबकि कच्चा तेल 7 हफ्ते से लगातार महंगा हो रहा है. इतना महंगा आखिरी बार 2014 में था. लेकिन चुनावों के बाद जब दाम बेतहाशा बढ़ेंगे, तब आपको बताया जाएगा कि तेल के दाम सरकार नहीं, पेट्रोलियम कंपनियां कंट्रोल करती हैं.
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