QUE SIGNIFIE अभिचार EN MARATHI
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définition de अभिचार dans le dictionnaire marathi
Mortalité maternelle L'orthographe de blesser ou de détruire l'autre Ou sorcellerie; Assainissement Action Il y a un mouchoir raboteux. Ils sont Mamta Dhari Tamas. -Ab 25.132 'Manomètre extrêmement rapide L'ignorance est devenue inutile. -Modhisam 10,69 Environ 2 Homamadikarma; Rituels etc. 3 Violence; Abattage [No. Ab ++ अभिचार—पु. दुसऱ्याला दुखापत किंवा नाश करण्याचे मंत्र
किंवा जादूटोणा; जारणमारण; करणी. 'यालागीं रिघे अभिचारीं ।
ते ममता धरी तामस ।' -एभा २५.१३२. 'क्षतहतशेष द्रुत गज ते
अभिचारप्रयोगसे फिरले ।' -मोभीष्म १०.६९. २ यासंबंधीं
होमादिकर्म; अनुष्ठान इ. ३ हिंसा; वध. [सं. अभि + चर्]
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10 LIVRES EN MARATHI EN RAPPORT AVEC «अभिचार»
Découvrez l'usage de
अभिचार dans la sélection bibliographique suivante. Des livres en rapport avec
अभिचार et de courts extraits de ceux-ci pour replacer dans son contexte son utilisation littéraire.
1
Atharvavedāce Marāṭhī bhāshāntara
राजकर्मविषयक अभिचार रगुस्ते ( राजकर्शज है ७स्तमुद्धिप्राप्ती अभिचार रतिते ( दृशेकर्म के ८. ... अभिचार पुको ( परिपत्रक पहा ) या अभिचार रतिताचे संक्षिस विवरण खाली दिके औहे ...
Siddheshvarśhāstrī Vishnu Chitrav, 1972
2
Śrauta dharmācī svarūpacikitsā
रातदभूडोमाचे मंत्र तेसं ३/८७-८ येथे दिलेले आहेत या पंहोचा विनियोग निरनिराख्या कारण/साठी रगंगितला को अभिचार करार्वयाचा असल्यास ते मंत्र उलटचा कमाने म्हगुन रात्रि कोरडथा ...
Chintaman Ganesh Kashikar, 1977
3
Vaidika dharma evaṃ darśana - व्हॉल्यूम 2
अध्याय २२ कर्म-काण्ड में अभिचार [ १० धर्म से अभिचार का संबन्ध यह सिद्धान्त कि सारा धर्म अभिचार से बाद का है पहले दिखाया जा चुका है; और इसकी मौलिक कमजोरी की ओर भी संकेत किया ...
Arthur Berriedale Keith, Surya Kanta, 1963
इसका अर्थ यह हुआ कि 'अथर्ववेद' में जिस प्रकार जादू टोने की ये ऋचाएं संकलित हुई उनमें इनका मूल चमत्कारी स्वरूप विलुप्त हो चुका था और ये अभिचार क्रिया का रूप-ग्रहण कर चुके थे 1 जादू ...
Devi Prasad Chattopadhyay, 2009
5
Sāmājika vijñāna Hindī viśvakośa - व्हॉल्यूम 1 - पृष्ठ 100
... भी अभिचार आदि कमी के द्वारा आपत्तियों का शमन करने वाला बताया गया है । अथर्ववेद के अनेक उन का संबंध ब्रह्मा नामक ऋषि के साथ रोने के कारण इसका एक नाम बह्यवेद है । एल अन्य मत के ...
6
Aadi Shankaracharya / Nachiket Prakashan: आदी शंकराचार्य
तो वर-वर आचायाँचा शिष्य बनून गुप्तपणे अभिचार कर्म करायला लागला. त्याचा परिणाम असा झाला की आचायाँना भगंदर रोग झाला. हृामुळे त्यांना खूप वेदना होऊ लागल्या. आचायाँच्या ...
Pro. Vijay Yangalwar, 2014
7
Śrī Rājā Śivachatrapatī: janmatithī vāda va satyaśodhana
janmatithī vāda va satyaśodhana Rāmakr̥shṇa Ānandarāva Kadama. १ ० / तशेच मिल राजे जयसिंह योनी औशिवायचिया नाशासाठी ने ' अभिचार प्रयोग' केले, त्यांची बन जी ४ बरस साक्षात्कार दर्शधितात ...
Rāmakr̥shṇa Ānandarāva Kadama, 2001
8
Bhāratīya-darśana-br̥hatkośa - व्हॉल्यूम 2
अभिचार आभिमुखोन कृत्या-ल जार: ( अभिचार:) । अभि है चर है भावे यत् । शदुवयोत्पादकवृमजनके उकर्मणि कोनेनाभिचरन् यजेतेति विहिते ययागर्द । ......... अभिवस्महींनं च विधि: दृन्दीअंयोहति ।
Baccūlāla Avasthī Jñāna, 2004
9
Vedāmr̥tam: Vedoṃ meṃ nārī
अभिचार कल का प्रयोग, २. अभिचार यल की निकृष्टता, ३. परित्यक्ता रबी का पितृमृए को जाना । संध से हात होता है कि अभिचार-कों या उला-प्रयोग साधारणतया चार प्रकार के व्यक्ति करते हैं ।
Kapiladeva Dvivedī, Bhāratendu Dvivedī, 1991
इसीलिए इसमें अनार्य अभिचार के संग जायं संस्कार, दोनों के समावेश हुए इसीलिए दोनों, दोनों को मान्य भी हुए । और इसीलिए हमसे अधिया कुंजी ने इसकी शिक्षा-पया बसे एक निश्चित ...
10 ACTUALITÉS CONTENANT LE TERME «अभिचार»
Découvrez de quoi on parle dans les médias nationaux et internationaux et comment le terme
अभिचार est employé dans le contexte des actualités suivantes.
वशीकरण- किसी को अपने वश में करने का विज्ञान
शास्त्र तन्त्रसार में षटकर्म का बड़ा महत्व बताया है। षटकर्म का अर्थ है छै कर्मों का अभिचार। यह छै कर्म हैं - शांतिकर्म, वशीकरण, स्तम्भन, विद्वेषण, उच्चाटन और मारण। मूलतः ये छै कर्म दश महाविद्या की कार्य प्रणाली का एक हिस्सा हैं तथा इन छै ... «पंजाब केसरी, août 15»
शिवलिंग के होते हैं 20 प्रकार जानिए इनका महत्व
मिश्री(चीनी) से बने शिव लिंग कि पूजा से रोगो का नाश होकर सभी प्रकार से सुखप्रद होती हैं। मिर्च, पीपल के चूर्ण में नमक मिलाकर बने शिवलिंग कि पूजा से वशीकरण और अभिचार कर्म के लिए किया जाता हैं। फूलों से बने शिव लिंग कि पूजा से भूमि-भवन ... «Nai Dunia, juil 15»
गुरु पूर्णिमा पर विशेष : सनातन व सार्वभौमिक है गुरु …
जो पशु- बलि देते थे, अमूर्त देवी-देवताओं में विश्वास करते थे तथा जादू-टोना, सिद्धि और अभिचार सीखना चाहते थे, उनके भी गुरु थे. गुरु की परंपरा भारत तक ही सीमित नहीं है. अटलांटिक सभ्यता में गुरुओं की संख्या अब तक की किसी भी सभ्यता से अधिक ... «प्रभात खबर, juil 15»
दुनिया के 11 महान जादूगर, जानिए भारत के कितने....
चमत्कार, इन्द्रजाल, अभिचार, टोना या तन्त्र-मन्त्र जैसे शब्द भी जादू कि श्रेणी में आते हैं। दरअसल जादू दो तरह का होता है पहला हाथ की सफाई और दूसरा सम्मोहन। जादू अनंतकाल से किया जाने वाला सम्मोहन भरा प्रदर्शन है, जिसका उपयोग पश्चिमी ... «Webdunia Hindi, juil 15»
मां पीताम्बरा के दर पर उमड़ेंगे श्रद्धालु
शास्त्रों के अनुसार मां बगलामुखी वह शक्ति है, जो रोग एवं शत्रु द्वारा होने वाले अभिचार को दूर करती है। इसलिए इन्हें संकट मोचिनी भी कहा जाता है। माता को पीताम्बरा भी कहा जाता है क्योंकि माता को पीला रंग अतिप्रिय है। इसलिए ही भक्त ... «Nai Dunia, mars 15»
तांत्रिक अभिचार से बचना है तो होलिका दहन पर करें …
यदि आपको लगता है कि किसी ने आपके ऊपर तांत्रिक अभिचार किया हुआ है जिसके कारण आपकी प्रगति ठप्प हो गई है तो देसी घी में भीगे दो लौंग, एक बताशा, एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख लाकर शरीर पर मलें और नहा लें। «पंजाब केसरी, mars 15»
कहीं आप पर आ रहे संकटों का कारण कालसर्प योग तो …
प्रेत शाप, मारण, उच्चाटन तथा अन्य अभिचार कर्म से बचने के लिए। यदि संतान न होती हो तो उसकी प्राप्ति के लिए। परिवार में किसी सदस्य को अकाल मृत्यु के कारण इहलोक छोडऩा पड़ा हो तो उससे होने वाली पीड़ा के परिहारार्थ। उपरोक्त दोषों तथा ... «पंजाब केसरी, nov 14»
मंगल दोष भी हटाता है सुहागनों का श्रृंगार सिन्दूर
यदि आपके ऊपर अभिचार कर्म किये जाने की आशंका हो, तो शनिवार को दोपहर में किसी एकांत चौराहे पर नींबू काटकर उसके चार फांक कर ले और उसमे सिन्दूर डाल कर उसे चारों दिशाओं में फेंक दे. ऐसा करने से आपके शत्रु द्वारा किया गया अभिचार कर्म पूर्ण ... «Palpalindia, oct 14»
कब-कैसे-किधर करें टोटका...
मान-सम्मान, प्रतिष्ठा व श्रीलक्ष्मी-समृद्धि हेतु किए गए टोटकों के लिए पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना शीघ्र फलदायी होता है। अभिचार कर्म अर्थात् किसी का बुरा करने के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठा जा सकता है। माह, तिथि और वार ... «khaskhabar.com हिन्दी, oct 13»
क्या आप जानते हैं क्यों करते हैं नवरात्र में कन्या …
वस्तुत: कुमारिका पूजन का पहला नियम यह है कि पूजक को ज्ञान प्राप्त के लिए ब्राहा्रण कन्या का,बल प्राप्त के निमित क्षत्रिय कन्या का,धन अभिचार प्रधान कार्यो की सिद्धि के लिए चाण्डाल कन्या का पूजन करना चाहिए। ये नियम चारों वणों में ... «khaskhabar.com हिन्दी, avril 13»